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शनिवार, मई 02, 2009

जैसी मां वैसा ही बच्चा

जैसी मां वैसा ही बच्चा की कहावत को एक अनुसंधान ने सही साबित कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया के अनुसंधानकर्ताओं ने एक अध्ययन किया और पाया कि जिन महिलाओं का गर्भधारण से पहले या गर्भावस्था के दौरान सामान्य से अधिक वजन रहा है उनके बच्चे भी सामान्य से अधिक वजनी या अधिक खाने वाले होते है।

अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि गर्भावस्था के दौरान माता के खान-पान का असर बच्चे के दिमाग, उसके हाव भाव और शारीरिक ऊर्जा की खपत को प्रभावित करता है।शोधकर्ताओं ने पाया कि अत्यधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाली महिलाएं सामान्य से अधिक मोटी होती हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि ऐसी महिलाओं को अधिक खाना खाने या गर्भावस्था के दौरान दो व्यक्तियों के लिए अधिक भोजन करने वाली बात कहने से पहले दोबारा सोचना चाहिए। समाचार पत्र डेली टेलीग्राफ ने इस शोध के हवाले से कहा है कि इस तरह के बच्चों में किशोरावस्था के दौरान ही मधुमेह के लक्षण प्रतीत होने लगते हैं।

सोमवार, अप्रैल 27, 2009

गर्भावस्था में संगीत से शान्ति


क्या गर्भावस्था का संगीत से कोई रिश्ता हो सकता है? हाल ही में किए गए एक शोध में इस प्रश्न का जवाब 'हां' में दिया गया है। ताईवान के कोहसिउंग चिकित्सा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में गर्भवती महिलाओं को दो समूहों में बांटा। उनमें से 116 को गीत-संगीत वाली सीडी और 120 को सामान्य देखभाल मुहैया कराई गई। इस शोध के अंर्तगत, पहले समूह की महिलाओं को चार-चार सीडी दी गई। पहली सीडी में लुलाबीज के रॉक गीत थे तो दूसरी में बीथोवेन और डेबस्सी का शास्त्रीय संगीत। तीसरी सीडी में कुछ प्राकृतिक ध्वनियां थीं और चौथी में चीन की नर्सरी राइम्स और कुछ गीत शामिल थे।

अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं ने लुल्लाबीज, बीथोवेन और प्राकृतिक ध्वनियों वाली सीडी सुनीं उन्होंने अन्य महिलाओं की तुलना में कहीं अधिक शांति महसूस की।अध्ययन का नेतृत्व कर रहे शोधकर्ता चुंग-हे चेन ने बताया कि, 'गर्भावस्था का संगीत सगीत सुनने वाली गर्भवती महिलाओं ने अन्य महिलाओं की तुलना में खुद पर दबाव कम महसूस किया।

संगीत से केवल शांति ही नहीं कुछ खास स्थितियों में नर या मादा भ्रूण की भूमिका भी तय होती है। हालांकि हम जानते हैं कि भूण के नर या मादा होने की प्रक्रिया गर्भधारण के समय प्राकृतिक रूप से तय होती है। फिर भी पुत्र या पुत्री जन्म होने के लिए कुछ कारण काफी हद तक जिम्मेदार होते हैं, कल से इस मसले पर कुछ चर्चा हो सकती है, अधिक विवरण के लिए कल इसी ब्लाग पर, ठीक इसी समय फिर मिलेंगे, अभी इजाजत दें। शेष शुभ....-इति आपकी 'शुभदा'

रविवार, अप्रैल 26, 2009

अत्यधिक व्यायाम करने से भी समस्या

अपने एक नए शोध में शोधकर्ताओं ने कहा है कि गर्भावस्था के दौरान कम से कम व्यायाम करने चाहिए। अत्यधिक व्यायाम करने से काफी समस्या आ सकती है। गौरतलब है कि गर्भावस्था के दौरान व्यायाम करना आवश्यक माना जाता है, लेकिन अत्यधिक व्यायाम खतरनाक साबित हो सकता है। अपने इस नए शोध में शोधकर्ताओं ने कहा है कि महिलाओं को प्रतिदिन गर्भावस्था के दौरान व्यायाम करना चाहिए, लेकिन उतना ही व्यायाम करना चाहिए जितना कि आवश्यक है।

शोधकर्ताओं ने लगभग 90 हजार गर्भवती महिलाओं का साक्षात्कार लिया। इस साक्षात्कार में इन लोगों ने व्यायाम को लेकर अलग-अलग सवाल पूछे। साक्षात्कार में उन महिलाओं को भी शामिल किया गया जो गर्भावस्था के दौरान व्यायाम नहीं करती हैं। इसके साथ ही वैसी गर्भवती महिलाओं से भी बात की गई जो सप्ताह में सात घंटे तक व्यायाम करती हैं। जो महिलाएं सात घंटे से ज्यादा समय व्यायाम और खेल आदि में बिताती हैं, उन्हें गर्भावस्था को लेकर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि इस प्रकार ज्यादा व्यायाम या खेल में समय बिताने से गर्भवती महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि गर्भावस्था के दौरान तैराकी ज्यादा फायदेमंद है। इससे कोई समस्या नहीं आती है। गौरतलब है कि गर्भवती महिलाओं के बीच तैराकी काफी लोकप्रिय माना जाता है। सरकारी विभाग ने भी गर्भवती महिलाओं से इस संबंध में सलाह देते हुए कहा है कि गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक व्यायाम से इन्हें बचना चाहिए। उन्हें उतना ही व्यायाम करना चाहिए जितना कि उनके स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

व्यायाम के साथ ही और भी बहुत कुछ है जो गर्भकाल में सहायक होता है। एक स्वस्थ शिशु को जन्म देने के लिए संगीत की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। कल इस बात पर चर्चा करेंगे कि क्या गर्भावस्था का संगीत से कोई रिश्ता हो सकता है? अधिक विवरण के लिए कल इसी ब्लाग पर, ठीक इसी समय फिर मिलेंगे, अभी इजाजत दें। शेष शुभ....-इति आपकी 'शुभदा'

शनिवार, अप्रैल 25, 2009

गर्भावस्था में व्यायाम से स्वस्थ बच्चा

गर्भावस्था के दौरान जो महिलाएं नियमित व्यायाम करती हैं वो हमेशा स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं। हाल ही में हुए एक सर्वे के दौरान यह बात सामने आई।कैनसास सिटी यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने एक अध्ययन के दौरान यह खुलासा किया कि गर्भावस्था में नियमित व्यायाम करने से गर्भ में पल रहा बच्चा भी स्वस्थ पैदा होता है। इतना ही नहीं इससे बच्चे के फेफड़े और तंत्रिका तंत्र भी मजबूत बनते हैं। इसके साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे को सांस लेने में भी ज्यादा दिक्कत नहीं होगी अगर मां स्वस्थ रहती है।
अनुसंधानकर्ता लिंडा कहती हैं कि व्यायाम गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में ही शुरू कर देना चाहिए इससे बच्चे स्वस्थ और मजबूत होंगे उनका तंत्रिका तंत्र मजबूत होगा और उनके अचानक मरने के दुष्प्रभाव कम हो जाएंगे। यह शोध 20 से 35 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं पर किया गया जिनमें से आधी महिलाओं ने जिन्होंने लगातार चलना, साइकिल चलाना और हफ्ते में तीन बार आधे घंटे के लिए दौडऩा जैसे व्यायाम किए जबकि बाकी की महिलाओं ने कुछ भी नहीं किया। परिणाम के तौर पर जिन महिलाओं ने नियमित व्यायाम किया उन्होंने बाकी महिलाओं की अपेक्षा स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
अति तो हर चीज की वर्जित है, जहां शोधकर्ताओं ने नियमित व्यायाम पर जोर दिया है वहीं यह भी कहा है कि अत्यधिक व्यायाम करने से काफी समस्या आ सकती है। अधिक विवरण के लिए कल इसी ब्लाग पर, ठीक इसी समय फिर मिलेंगे, अभी इजाजत दें। शेष शुभ....
-इति आपकी 'शुभदा'

शुक्रवार, अप्रैल 24, 2009

जीवन भर नशे में रह सकता है आपका बच्चा

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए शराब का एक पैग उनके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट के अनुसार शराब सेवन के कारण गर्भावस्था में भ्रूण के विकास पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है।ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के शोधकर्ता विविनी नाथसन ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को शराब का सेवन कतई नहीं करना चाहिए क्योंकि शराब का एक या दो पैग लेने पर भी भ्रूण के केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र का विकास अवरूद्ध हो सकता है।शोध रिपोर्ट के अनुसार गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में भी शराब का सेवन भ्रूण के विकास को अवरूद्ध करने की क्षमता रखता है। इस रिपोर्ट को वैज्ञानिको ने करीब 500 महिलाओं पर अनुसंधान कर तैयार किया है।

शराब तो खैर खराब है ही, बुरी-बुरी बातों को दूर रखकर अगर हम कुछ अच्छी बातों पर चर्चा करें तो और बेहतर होगा। मसलन व्यायाम, पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान जो महिलाएं नियमित व्यायाम करती हैं वो हमेशा स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं। अधिक विवरण के लिए कल इसी ब्लाग पर, ठीक इसी समय फिर मिलेंग और चर्चा करेंगे कि क्या जब पैर भारी हो तब व्यायाम करना चाहिए ? अभी इजाजत दें। शेष शुभ -इति, आपकी 'शुभदा'