बुधवार, अक्तूबर 10, 2012

मन कुनका मौला अली है...

'शुभदा' से जुड़े मानसिक विमंदित बच्चों ने आज अजमेर के जवाहर रंगमंच पर अपने तरीके से अल्लाह से रहमत की दुआ की तो समूचे सभागृह में उनके साथ दुआ के हाथ उठ गए। वहां मौजूद दर्शकों को इन बच्चों की प्रस्तुति ने इतना प्रभावित किया कि सभी ने उसी वक्त इसे दुबारा देखना चाहा... बच्चों ने दुबारा प्रस्तुति देकर सबको मंत्र-मुग्ध कर दिया।
डिवाइन अबोड संस्था की ओर से यहां चल रहे आठ दिवसीय इंटरनेशनल सूफी फेस्टिवल के तहत 10 अक्टूबर की शाम आठवें दिन के आयोजन में यह कार्यक्रम रखा गया था। सहायक जिला कलक्टर मौहम्मद हनीफ के मुख्य आथित्य में हुए कार्यक्रम में संस्था डिवाइन अबोड की प्रधान गुलशा बेगम ने शुभदा संस्था के विमंदित बच्चों से दर्शकों को रूबरू कराया और उन्हें प्रस्तुति देने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया। प्रस्तुति से पूर्व इस प्रमुख प्रक्रिया के लिए शुभदा संस्था के समन्वयक अपूर्व सेन के साथ विशेष विद्यालय के प्रशिक्षित शिक्षक भी सक्रिय  थे।

 इन विशेष शिक्षकों ने इस प्रस्तुति के लिए 18 बच्चों के साथ लगभग 15 दिन तक परिश्रम किया था। उल्लेखनीय है कि प्रस्तुति के पूर्वाभ्यास में शामिल सभी बच्चे कार्यक्रम के मंच पर भी मौजूद थे, ऐसा सामान्यतया नहीं होता है। इस अवसर पर इन बच्चों के अभिभावक भी मौजूद थे जो अपने बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम से स्वयं भी रोमांचित थे।

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